14 साल बाद बेटा बनकर आया ठग, मां-बाप से 3 लाख और बाइक लेकर फरार
14 साल बाद बेटा बनकर आया ठग, मां-बाप से 3 लाख और बाइक लेकर फरार
बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत हिचला गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 14 साल से लापता बेटे की तलाश में जी रहे एक गरीब मां-बाप की भावनाओं के साथ ऐसा खेल खेला गया, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध है।
बताया जा रहा है कि 5 मई को जोगी बाबा के भेष में दो व्यक्ति गांव पहुंचे। उनमें से एक ने खुद को अजीम अंसारी का वर्षों पहले लापता हुआ बेटा “सिकंदर अंसारी” बताया। पहले तो परिवार और गांव वालों को इस पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन ठग ने ऐसी-ऐसी बातें बताईं, जो सिर्फ परिवार का सदस्य ही जान सकता था। उसने घर की पुरानी घटनाएं, रिश्तेदारों के नाम और कई निजी बातें बताकर मां-बाप का विश्वास जीत लिया।
14 वर्षों से बेटे की तलाश में जिंदगी काट रहे मां-बाप के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। गांव वालों ने कई बार समझाने की कोशिश की कि मामला संदिग्ध लग रहा है, लेकिन बेटे के मोह में डूबे माता-पिता किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए।
“अगर मुझे अपने पास रखना है तो 3 लाख रुपये देने होंगे”
सूत्रों के अनुसार, खुद को सिकंदर बताने वाले युवक ने परिवार से कहा कि वह कुछ लोगों के कब्जे में था और अगर उसे पूरी तरह “छुड़ाकर” घर में रखना है तो 3 लाख रुपये देने होंगे। बेटे को वापस पाने की खुशी में गरीब मां-बाप ने जैसे-तैसे वर्षों की जमा पूंजी निकालकर उसे दे दी।
इतना ही नहीं, ठग ने परिवार का भरोसा मजबूत करने के लिए लगातार तीन दिनों तक रोज करीब तीन घंटे अपने कथित डेरे से घर आता-जाता रहा। इस दौरान परिवार को पूरा यकीन हो गया कि उनका खोया हुआ बेटा सच में वापस आ गया है।
चौथे दिन बाइक और 30 हजार लेकर फरार
घटना ने उस वक्त बड़ा मोड़ लिया जब चौथे दिन कथित “सिकंदर” रात घर में रुका और सुबह करीब 5 बजे घर से एक बाइक और 30 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। इसके बाद परिवार को समझ आया कि वे एक बड़े धोखे का शिकार हो चुके हैं।
जिस मां-बाप ने 14 वर्षों तक बेटे के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हीं की भावनाओं को हथियार बनाकर ठगों ने लाखों रुपये की ठगी कर ली। अब परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और चर्चा का माहौल है।
पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने बौंसी थाना और बांका पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे जोगी बाबा के भेष में आए ठग गांव में कई दिनों तक घूमते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी?
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते जांच और सतर्कता बरती जाती तो शायद यह गरीब परिवार ठगी का शिकार नहीं होता। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बांका पुलिस इन आरोपियों तक पहुंच पाएगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और अपने लुटे हुए पैसे की वापसी की उम्मीद में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठा है।
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